अयोध्या, श्री राम जन्म भूमि | Shri Ram Janmabhoomi, Ayodhya
अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का एक शहर और प्रशासनिक मुख्यालय है। यह अपने पड़ोसी जुड़वां शहर फैजाबाद के साथ एक नगर निगम साझा करता है। हिन्दुओं की मान्यता है कि श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके जन्मस्थान पर एक भव्य मन्दिर विराजमान था जिसे मुगल आक्रमणकारी बाबर ने तोड़कर वहाँ एक मस्जिद बना दी , जो बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था। वैसे तो बाबरी मस्जिद मसलिमों के लिए बहुत मायने नहीं रखता, किन्तु हिन्दुओं के द्वारा चले एक लम्बे आंदोलन ने इसको बहुत चर्चा में ला दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में इस स्थान को मुक्त करने एवं वहाँ एक नया मन्दिर बनाने के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। सन 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने निर्णय सुनाया जिसमें विवादित भूमि को रामजन्मभूमि घोषित किया गया। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने 9 नवंबर 2019 को अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में विवादित जगह को राम जन्मभूमि घोसित किया तथा उसी स्थल पे मंदिर बनाने की अनुमति दी, जबकि यूपी सरकार को यह निर्देश दिया कि मस्जिद के निर्माण के लिए केंद्रीय सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ का भूखंड दिया जाये। इस प्रकार बर्षो से चले आ रहे इस विवाद का अंत हुआ।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक ट्रस्ट गठित किया गया जिसका नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रखा गया। केंद्र सरकार और ट्रस्ट दोनों को इस भूमि पर मंदिर का निर्माण और विकाश करने का जिम्मा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2019 को अयोध्या में श्री राम मंदिर का भूमि पूजन है किया।
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